Tuesday, April 12, 2011

12 bhawna

Dhan bina nirdhan dukhi
Trishna bus dhanwan
Kahin na sukh sansar mein
Sab jug dekha chhan

Friday, July 23, 2010

Ai Jo Silli Silli Aundi Hai Hawa

To Ex

You Told me You Loved Me, I Thought It was True, But Now I'm Sitting Here Crying, All Because Of You

You Said I Was The Perfect boy, So I Gave You My Heart, And All You Did To It, Was Tear It Apart

11 years Of Nothing, How Could This Be, We Were Meant For Each Other, But I Guess That You Could Not See

Wednesday, June 30, 2010

Tasveer

तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी
ये तेरी तरह मुझसे तो शर्मा न सकेगी

मैं बात करूँगा तो ये खामोश रहेगी
सीनेसे लगा लूँगा तो ये कुछ न कहेगी
आराम वो क्या देगी जो तदपा न सकेगी

यह अन्केहं हैं ठहरी हुई, चुंचल वोह निगाहें
यह हाथ हैं सहमे हुए, और मस्त वोह बाहें
पर्ची तो इंसान के काम आ न सकेगी.

इन होटों को फैअज़ मैं कुछ दे न सकूंगा
इस ज़ुल्फ़ को भी हाथ मैं में ले न सकूंगा
उलझी हुई रातों को सुलझ न सकेगी

तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी

Sunday, June 27, 2010

ना किसी कि आँख का नूर हूँ, ना किसी के दिल का करार हूँ
जो किसी के काम सके, मैं वो एक मुश्त--गुबार हूँ

मैं नहीं हूँ नाघ्मा--जान फ़ज़ा, कोई सुन के मुझ को करेगा क्या
मैं बारे बिरोग की हूँ सदा, मैं बारे दुखों की पुकार हूँ

मेरा रंग रूप बिगड़ गया, मेरा यार मुझ से बिचाद गया
जो चमन खिजान से उजर गया, मैं उसी की फसल--बहार हूँ

ना तो मैं किसी का हबीब हूँ, ना तो मैं किसी का रकीब हूँ,
जो बिगड़ गया वो नसीब हूँ, जो उजाड़ गया वो दयार हूँ.

पढ़े फातिहा कोई आए क्यूँ, कोई चार फूल चढ़ाए क्यूँ?
कोई आके शमा जलाए क्यूँ, मैं वो बेकसी का मज़ार हूँ

ना किसी कि आँख का नूर हूँ, ना किसी के दिल का करार हूँ
जो किसी के काम सके, मैं वो एक मुश्त-इ-गुबार हूँ